पाठ 2 : अनूठे इन्सान (सम्पूर्ण हल)
अभ्यास (Abhyas)
प्रश्न 1. प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(1) नेपोलियन और उसकी बहन के स्वभाव में क्या अंतर था?
उत्तर: नेपोलियन सच बोलने वाला और निडर लड़का था। वह अपनी गलती स्वीकारने से डरता नहीं था। जबकि उसकी बहन इलाइज़ा डरी हुई थी और वह नेपोलियन को झूठ बोलकर घर भाग जाने के लिए कह रही थी ताकि माँ की डाँट से बचा जा सके।
(2) आप नेपोलियन की जगह होते तो क्या करते?
उत्तर: यदि मैं नेपोलियन की जगह होता, तो मैं भी वही करता जो नेपोलियन ने किया। मैं उस लड़की से माफी माँगता और मेरे कारण हुए नुकसान की भरपाई अपनी जेबखर्च से करता।
(3) आप अपने जेब खर्च का उपयोग किस प्रकार करते हैं?
उत्तर: मैं अपने जेब खर्च का उपयोग अच्छी किताबें खरीदने, पेन-पेंसिल लेने और कभी-कभी जरूरतमंद दोस्तों की मदद करने में करता हूँ। मैं फिजूलखर्ची नहीं करता।
(4) बापू के बारे में आप क्या जानते हैं?
उत्तर: बापू (महात्मा गाँधी) हमारे राष्ट्रपिता हैं। उन्होंने सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर भारत को आजादी दिलाई। वे सादा जीवन और उच्च विचार में मानते थे। उन्होंने छुआछूत मिटाने और देश की एकता के लिए महान कार्य किए।
(5) बापू धन क्यों इकट्ठा कर रहे थे?
उत्तर: बापू देश की आजादी की लड़ाई और हरिजन सेवा कार्यों के लिए धन इकट्ठा कर रहे थे। उस समय देशसेवा के कार्यों के लिए पैसों की सख्त जरूरत थी।
(6) आपको कौमुदी का पात्र कैसा लगा? क्यों?
उत्तर: मुझे कौमुदी का पात्र बहुत प्रेरक लगा। इतनी छोटी उम्र में उसने देशप्रेम के लिए अपने सारे सोने के गहने त्याग दिए। उसका यह त्याग हमें सिखाता है कि देशप्रेम से बढ़कर कोई आभूषण नहीं होता।
(7) क्या आपने भी कभी अपने माता-पिता के सामने गलती स्वीकार की है?
उत्तर: हाँ, एक बार खेलते समय मुझसे घर का काँच का फूलदान टूट गया था। पहले तो मैं डर गया, लेकिन फिर मैंने साहस करके माँ को सच बता दिया और अपनी गलती स्वीकार कर ली। माँ ने मुझे डाँटा नहीं बल्कि सच बोलने के लिए शाबाशी दी।
प्रश्न 2. संयुक्त वर्ण वाले शब्द बनाइए :
| संयुक्त वर्ण | उदाहरण | अन्य शब्द |
|---|---|---|
| द् + ध = द्ध | शुद्ध | बुद्ध, युद्ध, प्रसिद्ध, क्रुद्ध |
| त् + त = त्त | वित्त | कुत्ता, पत्ता, छत्ता, सत्ता |
| द् + म = द्म | पद्म | छद्म, सद्भावना |
| द् + व = द्व | विद्वान | द्वार, द्विप, द्वितीय, द्वारा |
| ह् + म = ह्म | ब्रह्म | ब्राह्मण, ब्रह्मा |
प्रश्न 3. चर्चा कीजिए :
(1) महात्मा गाँधी और देशप्रेम:
महात्मा गाँधी देशप्रेम की मिसाल थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन, अपना बैरिस्टर का पेशा और सुख-सुविधाएँ देश के लिए त्याग दीं। वे मानते थे कि देश की सेवा ही ईश्वर की सेवा है। उनके एक आह्वान पर लोग अपना सर्वस्व न्योछावर करने को तैयार हो जाते थे।
(2) इन्सान अनूठा कब कहलाता है?
जब कोई व्यक्ति स्वार्थ से ऊपर उठकर समाज और देश के लिए कार्य करता है, सत्य और ईमानदारी के रास्ते पर चलता है, और अपनी गलती स्वीकारने का साहस रखता है, तब वह साधारण से 'अनूठा इन्सान' कहलाता है। नेपोलियन की सच्चाई और कौमुदी का त्याग उन्हें अनूठा बनाते हैं।
(3) तुम अपने देश की सेवा कैसे करोगे?
मैं खूब मन लगाकर पढ़ाई करूँगा। बड़ा होकर एक ईमानदार नागरिक बनूँगा। पानी और बिजली की बचत करूँगा, स्वच्छता रखूँगा और जरूरतमंदों की मदद करके देश की सेवा करूँगा।
प्रश्न 4. विशेषण शब्दों का वाक्य प्रयोग :
| संज्ञा | विशेषण | वाक्य प्रयोग |
|---|---|---|
| धर्म | धार्मिक | मेरे दादाजी एक धार्मिक व्यक्ति हैं। |
| रंग | रंगीन | होली पर सब कुछ रंगीन हो जाता है। |
| लोभ | लोभी | लोभी व्यक्ति कभी संतुष्ट नहीं होता। |
| भारत | भारतीय | मुझे भारतीय होने पर गर्व है। |
| चमक | चमकीला | आसमान में एक चमकीला तारा दिखाई दिया। |
| शक्ति | शक्तिमान | भीम बहुत शक्तिमान थे। |
| गुण | गुणवती | मीरा एक गुणवती कन्या है। |
| बल | बलवान | शेर जंगल का बलवान जानवर है। |
| दया | दयावान | राजा बहुत दयावान था। |
| दर्शन | दर्शनीय | ताजमहल एक दर्शनीय स्थल है। |
प्रश्न 5 & 6. लिंग परिवर्तन और वाक्य प्रयोग :
| पुल्लिंग | स्त्रीलिंग | वाक्य प्रयोग |
|---|---|---|
| मेढ़क | मेढ़की | मेढ़क टर्रा रहा है। / मेढ़की पानी में कूद गई। |
| तरुण | तरुणी | तरुण कॉलेज जा रहा है। / तरुणी गीत गा रही है। |
| कुमार | कुमारी | कुमार खेल रहा है। / कुमारी पढ़ रही है। |
| देव | देवी | देव की पूजा करो। / देवी की आरती हो रही है। |
| हिरन | हिरनी | हिरन दौड़ रहा है। / हिरनी घास चर रही है। |
| कुम्हार | कुम्हारिन | कुम्हार घड़े बनाता है। / कुम्हारिन मिट्टी ला रही है। |
| नाग | नागिन | नाग फन फैलाए बैठा है। / नागिन बिल में घुस गई। |
| बाघ | बाघिन | बाघ गरज रहा है। / बाघिन अपने बच्चों के साथ है। |
| धोबी | धोबिन | धोबी कपड़े धोता है। / धोबिन कपड़े सुखा रही है। |
| ग्वाला | ग्वालिन | ग्वाला दूध बेचता है। / ग्वालिन मटकी ले जा रही है। |
| शेर | शेरनी | शेर जंगल का राजा है। / शेरनी शिकार कर रही है। |
| जादूगर | जादूगरनी | जादूगर खेल दिखाता है। / जादूगरनी जादू कर रही है। |
| मास्टर | मास्टरनी | मास्टर जी पढ़ा रहे हैं। / मास्टरनी जी आ रही हैं। |
| डॉक्टर | डॉक्टरनी | डॉक्टर मरीज को देख रहा है। / डॉक्टरनी दवा दे रही है। |
| ऊँट | ऊँटनी | ऊँट रेगिस्तान का जहाज है। / ऊँटनी बैठी है। |
प्रश्न 7. चित्र के आधार पर कहानी (सच्चे मित्र) :
कहानी : सच्चे मित्र (True Friends)
एक जंगल में एक तालाब के किनारे चार मित्र रहते थे - एक कबूतर (कौआ), एक हिरन, एक चूहा और एक कछुआ। चारों में बहुत पक्की दोस्ती थी। वे रोज मिलते और बातें करते थे।
एक दिन एक शिकारी जंगल में आया। उसने अपना जाल बिछाया और दुर्भाग्य से हिरन उस जाल में फँस गया। हिरन ने बचने की बहुत कोशिश की लेकिन जाल मजबूत था।
कौए ने ऊपर से देखा कि उसका दोस्त मुसीबत में है। उसने तुरंत जाकर चूहे और कछुए को खबर दी। चूहा तुरंत कौए की पीठ पर बैठकर वहाँ पहुँचा और अपने तेज दाँतों से जाल काट दिया। हिरन आजाद हो गया।
लेकिन तब तक धीरे-धीरे चलता हुआ कछुआ भी वहाँ पहुँच गया था। उसी समय शिकारी वापस आ गया। हिरन, चूहा और कौआ तो भाग गए, लेकिन कछुआ धीरे चलने के कारण पकड़ा गया। शिकारी ने कछुए को थैले में डाल लिया।
अब दोस्तों ने कछुए को बचाने की योजना बनाई। हिरन रास्ते में शिकारी के आगे ऐसे लेट गया जैसे वह मरा हुआ हो। कौआ उसके ऊपर बैठकर उसे चोंच मारने का नाटक करने लगा। शिकारी ने सोचा हिरन मरा हुआ है, तो उसने कछुए वाला थैला नीचे रखा और हिरन को पकड़ने दौड़ा।
मौका पाते ही चूहे ने थैला काट दिया और कछुआ तालाब में सरक गया। जैसे ही शिकारी पास आया, हिरन उठकर भाग गया। शिकारी हाथ मलता रह गया। इस तरह सच्चे मित्रों ने अपनी एकता और सूझबूझ से एक-दूसरे की जान बचाई।
सीख: संकट के समय जो काम आए, वही सच्चा मित्र है। एकता में ही बल है।
स्वाध्याय (Swadhyay)
प्रश्न 1. प्रश्नों के उत्तर :
(1) नेपोलियन की बहन का नाम क्या था?
उत्तर: नेपोलियन की बहन का नाम 'इलाइज़ा' था।
(2) नेपोलियन लड़की को अपने घर क्यों ले गया?
उत्तर: नेपोलियन के टकराने से लड़की के अमरूद कीचड़ में गिरकर खराब हो गए थे। उस नुकसान के पैसे माँ से दिलवाने के लिए नेपोलियन लड़की को अपने घर ले गया।
(3) गाँधी जी को सोने की चूड़ी देनेवाली लड़की का नाम क्या था?
उत्तर: गाँधी जी को सोने की चूड़ी देनेवाली लड़की का नाम 'कौमुदी' था।
(4) गाँधी जी ने कौमुदी से क्या कहा?
उत्तर: गाँधी जी ने कौमुदी से कहा - "तुम्हें यह तो मालूम होगा कि ये गहने दे देने के बाद तुम फिर नए गहने नहीं बनवा सकोगी!"
(5) हस्ताक्षर करने के बाद गाँधी जी ने क्या लिखा?
उत्तर: हस्ताक्षर करने के बाद गाँधी जी ने लिखा - "तुम्हारे इन आभूषणों की अपेक्षा तुम्हारा त्याग ही सच्चा आभूषण है।"
प्रश्न 3. विरामचिह्नों का उपयोग और अनुवाद :
हिंदी (विरामचिह्न के साथ):
दुर्गावती बचपन से ही बहादुर थीं। उन्हें युद्ध करने में अपूर्व धैर्य, दूरदर्शिता, अटूट साहस और स्वाभिमान जैसे गुण विरासत में मिले थे। जहाँ वे सुशील, कोमल, अति सुंदर और भावुक थीं, वहीं दूसरी ओर वे वीर, साहसी और अस्त्र-शस्त्र चलाने में भी निपुण थीं। शिकार खेलने में उन्हें विशेष रुचि थी। वे तीर और बंदूक का अचूक निशाना लगाने में भी कुशल थीं।
ગુજરાતી અનુવાદ:
દુર્ગાવતી બાળપણથી જ બહાદુર હતાં. તેમને યુદ્ધ કરવામાં અપૂર્વ ધીરજ, દૂરદર્શિતા, અખૂટ સાહસ અને સ્વાભિમાન જેવા ગુણો વારસામાં મળ્યા હતા. જ્યાં તેઓ સુશીલ, કોમળ, અતિ સુંદર અને ભાવુક હતાં, ત્યાં બીજી બાજુ તેઓ વીર, સાહસી અને અસ્ત્ર-શસ્ત્ર ચલાવવામાં પણ નિપુણ હતાં. શિકાર કરવામાં તેમને વિશેષ રુચિ હતી. તેઓ તીર અને બંદૂકનું અચૂક નિશાન તાકવામાં પણ કુશળ હતાં.
योग्यता विस्तार (Yogyata Vistar)
महात्मा गाँधी: इनका पूरा नाम मोहनदास करमचंद गाँधी था। इनका जन्म 2 अक्टूबर 1869 को पोरबंदर में हुआ था। इन्होंने सत्य और अहिंसा के बल पर भारत को अंग्रेजों से मुक्त कराया। लोग उन्हें प्यार से 'बापू' कहते हैं।
नेपोलियन बोनापार्ट: नेपोलियन फ्रांस का एक महान और निडर शासक था। उसका जन्म 15 अगस्त 1769 को हुआ था। वह अपने इरादों का पक्का और सत्यवादी इन्सान था। वह विश्व के महान सेनापतियों में गिना जाता है।
भाषा-सज्जता (कहावतें)
- 1. आये थे हरि भजन को ओटन लगे कपास अर्थ: अच्छा काम छोड़कर महत्त्वहीन काम में लग जाना। वाक्य: तुम्हें छात्रावास में इसलिए भेजा था कि तुम परीक्षा में प्रथम आ सको पर तुमने तो यहाँ रहकर भी बेकार की बातों में समय बरबाद करना शुरू कर दिया।
- 2. उलटा चोर कोतवाल को डाँटे अर्थ: अपराधी द्वारा निर्दोष को धमकाना। वाक्य: एक तो तुमने चोरी की और ऊपर से मुझे ही डाँट रहे हो? इसे कहते हैं - उलटा चोर कोतवाल को डाँटे।
- 3. ऊँची दुकान फीका पकवान अर्थ: प्रसिद्धि अधिक किन्तु तत्त्व (गुणवत्ता) कुछ भी नहीं। [cite_start]वाक्य: हमने तो तुम्हारी दुकान की प्रसिद्धि सुनकर सामान खरीदा था मगर आपका सामान तो बहुत ही घटिया निकला।
- 4. एक तो करेला ऊपर से नीम चढ़ा अर्थ: एक दोष के साथ-साथ दूसरा दोष भी लग जाना। वाक्य: वह शराबी तो था ही, जुआ भी खेलने लगा। यह तो वही बात हुई एक तो करेला ऊपर से नीम चढ़ा।
- 5. एक सड़ी मछली सारे तालाब को गंदा करती है अर्थ: एक की बुराई के कारण सबकी बदनामी होना। वाक्य: जब से धनराज हमारी कक्षा में आया है उसने कई बार चोरी की है।उसकी देखा-देखी कई और लड़के भी इस लत में पड़ गए हैं।
- 6. कंगाली में आटा गीला अर्थ: मुसीबत में और मुसीबत आना। वाक्य: गंगू पहले ही बहुत निर्धन था, छोटी-सी नौकरी में बड़ी मुश्किल से गुज़ारा कर रहा था, अब तो वह भी छूट गई।
- 7. कहाँ राजा भोज और कहाँ गंगू तेली अर्थ: दो व्यक्तियों की स्थिति में बहुत बड़ा अंतर होना। वाक्य: उस साधारण गायिका की तुलना लता मंगेशकर से करना उचित नहीं। कहाँ राजा भोज और कहाँ गंगू तेली।
- 8. कोयले की दलाली में हाथ काला अर्थ: बुरे के साथ रहने पर बुराई/बदनामी ही मिलती है। वाक्य: उसका साथ छोड़ दो, पूरा गुंडा है, कभी तुम्हें भी ले बैठेगा। जानते नहीं, कोयले की दलाली में हाथ काला।
- 9. चमड़ी जाए पर दमड़ी न जाए अर्थ: बहुत कंजूस होना। वाक्य: सेठ मोहनदास कई दिनों से बीमार हैं, फिर भी अस्पताल नहीं जाना चाहते हैं। उनके लिए तो चमड़ी जाए पर दमड़ी न जाए।
- 10. जो गरजते हैं सो बरसते नहीं अर्थ: जो डींग मारते हैं (बड़ी बातें करते हैं), वे काम नहीं करते। वाक्य: कमल ने इस बार 100 मीटर की दौड़ में प्रथम स्थान प्राप्त करने का दावा किया था। वह प्रथम तो क्या, तृतीय भी न आ सका।
- 11. नाम बड़े और दर्शन छोटे अर्थ: बड़प्पन का दिखावा करना पर असलियत में कुछ न होना। वाक्य: तुम्हारे विद्यालय की बहुत प्रशंसा सुन रखी थी, पर आकर देखा तो पढ़ाई का स्तर कुछ भी नहीं।
- 12. बोया पेड़ बबूल का आम कहाँ से पाय अर्थ: बुरे कामों का अच्छा फल नहीं मिलता। वाक्य: सारे साल तो तुमने पढ़ाई नहीं की अब उत्तीर्ण होने के सपने देख रहे हो? यह संभव नहीं है, क्योंकि किसी ने कहा है - बोया पेड़ बबूल का आम कहाँ से पाय।
--- पाठ समाप्त ---

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